नए आलेख
अंतरराष्ट्रीय
गांधी दर्शन और विचार
सूचित रहें.
जुड़े रहें.
पर्यावरण, समाज, संस्कृति और लोकतंत्र पर साप्ताहिक अंतर्दृष्टि, गहन कहानियाँ और जमीनी रिपोर्ट सीधे अपने इनबॉक्स पर प्राप्त करें।
पर्यावरण
विचार
‘झोलावालों’ से ‘दिमागी नक्सल’ तक
स्वतंत्रता आंदोलन से अभी हाल तक हमारे यहां गैर-दलीय राजनीति की खासी हवा चली थी। इस दौर में तमाम बातों के अलावा अपने आसपास की दुनिया पर सवाल उठाना सिखाया…
साक्षरता दिवस : शिक्षा के लिए संघर्ष करता समाज
‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ के हाल के आंदोलनों की मेहरबानी से लगभग अनदेखा किया जाता रहा शिक्षा का मसला एक बार फिर मैदान में है। देशभर में उठ रहे…
सोशल मीडिया को बरतने के तौर-तरीके
रोटी, कपडा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों की तरह आजकल हमारे जीवन में सोशल मीडिया ने भी खासी जगह घेर ली है। रोजमर्रा के जीवन में हाल में शामिल…
फरक्का का हिसाब : गंगा किसकी, पानी किसका और दर्द बिहार का?
गंगा के पानी का सवाल बिहार में केवल बाढ़ और सूखे के बीच का विरोधाभास नहीं, बल्कि खेती, मत्स्य जीवन, भूजल और नदी की पारिस्थितिकी से जुड़ा प्रश्न है। 1996…
हमें प्रोत्साहन दें
जनसरोकारों की स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को जीवित रखने के लिए आपका साथ जरूरी है। आपकी दी हुई छोटी-सी सहयोग राशि हमें सच्ची पत्रकारिता करते रहने का संबल देगी।