जनगणना 2027 : डिजिटल युग में भारत की सामाजिक-राजनीतिक पुनर्रचना
गांधी आगमन शताब्दी समारोह में अंग प्रदेश पर शोध ग्रंथ का होगा लोकार्पण
भागलपुर, 24 जुलाई। महात्मा गांधी आगमन के शताब्दी वर्ष पर 7 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंग प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय समारोह के लिए जहां विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति की जोर-शोर से तैयारी की जा रही है,…
शंभू बॉर्डर से जंतर-मंतर तक: संवाद, दमन, जवाबदेही और लोकतंत्र की सिकुड़ती होती सीमाओं की पड़ताल
लोकतंत्र की असली परीक्षा चुनावों से नहीं, बल्कि असहमति के प्रति उसके व्यवहार से होती है। हाल के छात्र आंदोलनों, किसान विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर की घटनाओं ने यह प्रश्न फिर खड़ा किया है कि क्या भारत में विरोध को…
परीक्षा व्यवस्था के संकट से लोकतांत्रिक टकराव तक
शिक्षा और सार्वजनिक भर्ती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग को लेकर देशभर में छात्र-युवा आंदोलन तेज हो गया है। पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्त होने और नियुक्तियों में देरी से उपजे असंतोष ने अब इसे केवल परीक्षा…
संसद में कृषि : पर्यावरण और बीजों की स्वायत्तता
शुरु होने वाले संसद के मानसून सत्र में कृषि, खासकर ‘बीज विधेयक’ पर चर्चा होने की संभावना है। अमरीका से जारी ‘ट्रेड डील’ की बातचीत के दौरान होने वाली यह चर्चा ‘डील’ के उन जरूरी मुद्दों को उजागर कर सकेगी…
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल: महापंचायत से पहले हिरासत में लिए गए हजारों किसान रिहा
नई दिल्ली, 21 जुलाई। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के विरोध में ‘देश बचाओ मोर्चा’ द्वारा आज किसान घाट पर बुलाई गई एक दिवसीय ‘किसान महापंचायत’ को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक रोक दिया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर…
अनशन से आगे का संघर्ष: सोनम वांगचुक से उठी एक ऐसी अपील, जिसने लोकतंत्र की आत्मा को छू लिया
लोकतांत्रिक आंदोलनों का इतिहास केवल संघर्षों का इतिहास नहीं है, बल्कि उन नैतिक दुविधाओं का भी इतिहास है, जहाँ एक ओर सिद्धांतों के लिए जीवन दांव पर लगा होता है और दूसरी ओर वही जीवन आंदोलन की सबसे बड़ी पूंजी…
सोनम वांगचुक : अनशन नहीं, सत्ता का चरित्र बदला है
सोनम वांगचुक का आमरण अनशन अब केवल शिक्षा सुधार या एक मंत्री की जवाबदेही का प्रश्न नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिरोध की प्रभावशीलता की भी परीक्षा बन चुका है। इसी बीच न्यायालय ने उनके जीवन की रक्षा को…
यात्रा-वृत्तांत : अनोखी है बैतूल की भू-संस्कृति
भारत की विविध भू-संस्कृतियों की खोज में बैतूल एक ऐसा पड़ाव है, जहाँ प्रकृति, लोकजीवन, आस्था और सामुदायिक संस्कृति एक-दूसरे में सहज रूप से घुली-मिली दिखाई देती हैं। यह यात्रा-वृत्तांत एक शोधार्थी की आँखों से बैतूल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक…
बिहार : डिग्री कॉलेज तो खुल गए, गांधी कहां रह गए?
बिहार सरकार द्वारा 211 प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन इन महाविद्यालयों में गांधी विचार को स्थान न मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। शिक्षा यदि…
भूमि का सवाल : सामाजिक न्याय की कसौटी
आज के दौर में जमीन सर्वाधिक कीमती जिन्स बन गई है। नतीजे में उसे लेकर देशभर में भारी उथल-पुथल, मारकाट मची है और भूमिहीन समाज हाशिए पर खदेड दिया गया है। ऐसे में, किन तौर-तरीकों से जमीन का न्यायपूर्ण, अहिंसक…






















