नए आलेख
अंतरराष्ट्रीय
गांधी दर्शन और विचार
सूचित रहें.
जुड़े रहें.
पर्यावरण, समाज, संस्कृति और लोकतंत्र पर साप्ताहिक अंतर्दृष्टि, गहन कहानियाँ और जमीनी रिपोर्ट सीधे अपने इनबॉक्स पर प्राप्त करें।
पर्यावरण
विचार
नदी की गाद नहीं, उसके संतुलन को समझिए
बिहार की नई गाद प्रबंधन नीति ने नदियों से गाद निकालने की बहस को फिर सामने ला दिया है। सवाल यह नहीं कि नदी में कितनी गाद है, बल्कि यह…
शिक्षा के आंकड़ों में छिपी बड़ी तस्वीर
विद्यार्थियों की घटती संख्या को केवल नामांकन के आंकड़े के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की रिपोर्ट शिक्षकों की उपलब्धता, विषय-विशेषज्ञता, बहु-कक्षा शिक्षण और…
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस : हर देश के लिए जरूरी है, ‘शांति मंत्रालय’
पिछली सदी में युद्धों की वजह पूंजी और प्राकृतिक संसाधनों की लपलपाहट हुआ करती थी, लेकिन 21वीं सदी में होने वाले युद्ध पूंजी के अलावा केवल युद्ध के लिए ही…
‘झोलावालों’ से ‘दिमागी नक्सल’ तक
स्वतंत्रता आंदोलन से अभी हाल तक हमारे यहां गैर-दलीय राजनीति की खासी हवा चली थी। इस दौर में तमाम बातों के अलावा अपने आसपास की दुनिया पर सवाल उठाना सिखाया…
हमें प्रोत्साहन दें
जनसरोकारों की स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता को जीवित रखने के लिए आपका साथ जरूरी है। आपकी दी हुई छोटी-सी सहयोग राशि हमें सच्ची पत्रकारिता करते रहने का संबल देगी।