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हिमालय, प्रकृति और गांधी विचार के साधक : डेविड जेरार्ड हॉपकिंस यानि डेविड भाई

स्मृति शेष : डेविड जेरार्ड हॉपकिंस, 1947–2026 पिछले पाँच दशकों से हिमालयी जीवन, पर्यावरण और समाज के बीच शांत साधक की तरह कार्य करने वाले डेविड जेरार्ड हॉपकिंस जिन्हें सभी स्नेह से “डेविड भाई” कहते थे, ने 9 मार्च 2026…

शिक्षक शिक्षा के समर्पित कर्मयोगी सुरेंद्रनाथ दुबे का निधन

शिक्षा, शिक्षक कल्याण और शैक्षिक चिंतन के क्षेत्र में दिया महत्वपूर्ण योगदान भोपाल, 8 मार्च। मध्यप्रदेश में शिक्षक शिक्षा और शिक्षक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय एवं गांधी विचार से सरोकार रखने वाले वरिष्ठ शिक्षाविद् सुरेंद्रनाथ दुबे (90 वर्ष)  का…

आधी आबादी को अवसर से बदलेगी फिज़ा

सामाजिक न्याय और टिकाऊ विकास की राह में महिलाओं का सशक्तिकरण निर्णायक भूमिका निभाता है। फिर भी वैश्विक स्तर पर महिलाएँ समान कार्य के बावजूद पुरुषों से कम वेतन पाती हैं और अवसरों तक उनकी पहुँच सीमित रहती है। ऐसे…

जन स्वास्थ्य को केवल इलाज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जोड़कर देखने की जरूरत : डॉ. सुनील कौल

भोपाल में 12वां डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यान भोपाल, 7 मार्च। जन स्वास्थ्य को केवल इलाज के दायरे में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और व्यापक सामाजिक संदर्भों के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। यदि पानी पर टैक्स लगाने…

जलवायु-परिवर्तन से जीत सकती हैं, महिलाएं

प्राकृतिक आपदाओं के अनुभव बताते हैं कि यदि दुनिया की आधी, महिलाओं की आबादी को अवसर मुहैय्या करवाए जाएं तो जलवायु-परिवर्तन से निपटा जा सकता है। यदि उन्हें शिक्षा, शारीरिक सक्षमता और व्यवहारिक ज्ञान प्राप्‍त करने का मौका मिले तो…

‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ उर्फ ‘एआई’ : मुकाबले में इंसानी अक्ल

कम्प्यूटर, इंटरनेट के बाद अब हमारे संसार में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ यानि ‘एआई’ का अवतार हुआ है। कहा जा रहा है कि इंसानी वजूद की तमाम-ओ-तमाम हरकतें ‘एआई’ की मार्फत आसानी से हल कर ली जाएंगी। यहां तक कि सोचने-विचारने की…

अहिंसा, सामाजिक न्याय और सौहार्द की समकालीन प्रासंगिकता पर हुई चर्चा

फ्रंटियर गांधी की विरासत पर राष्ट्रीय सेमिनार बेंगलुरु, 6 मार्च। एचकेबीकेए डिग्री कॉलेज में भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान (फ्रंटियर गांधी) पर एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार का मुख्य विषय था “फ्रंटियर गांधी की विरासत: अहिंसा, सामाजिक…

सागर से अंतरिक्ष तक : रक्षा विमर्श को नई दिशा देती शोधपरक कृति

भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ा रक्षा विमर्श केवल सैन्य शक्ति का वर्णन नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामरिक चेतना का दर्पण होता है। ऐसे समय में वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल की पुस्तक ‘सागर से अंतरिक्ष तक:…

अपने जैसा ‘एआई’

‘आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस’ उर्फ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ के कसीदे बांचते हुए हम अक्सर इस मामूली सी बात को भूल जाते हैं कि ‘एआई’ आखिरकार एक व्यक्ति और समाज की तरह हमारा ही प्रतिरूप है। यानि हम उस मशीन में जैसा और जितना…

मध्यप्रदेश का बजट : ग्रीन फ्रेमवर्क का दावा, जलवायु संकट की अनदेखी

हाल के मध्यप्रदेश के बजट में तरह-तरह की लोक-लुभावन घोषणाओं के बावजूद पर्यावरण-प्रदूषण से निपटने की कोई तजबीज जाहिर नहीं हुई है। यहां तक कि पर्यावरण के लिए आवंटित राशि भी पिछले साल के मुकाबले घटा दी गई है। आखिर…