जनगणना 2027 : डिजिटल युग में भारत की सामाजिक-राजनीतिक पुनर्रचना
भूमि का सवाल : सामाजिक न्याय की कसौटी
आज के दौर में जमीन सर्वाधिक कीमती जिन्स बन गई है। नतीजे में उसे लेकर देशभर में भारी उथल-पुथल, मारकाट मची है और भूमिहीन समाज हाशिए पर खदेड दिया गया है। ऐसे में, किन तौर-तरीकों से जमीन का न्यायपूर्ण, अहिंसक…
‘एथेनॉल क्रांति’ : संभावनाओं में छिपे संकट
पश्चिम एशिया के देशों पर अमरीका द्वारा जबरन थोपी गई लडाई के नतीजे में तेल, ईंधन की भारी कमी और देश के सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के उत्साह ने आजकल खाद्य उत्पादनों से ‘एथेनाल’ बनाने और उससे अर्थव्यवस्था चलाने…
सरदार सरोवर समझौते पर उठे सवाल : मध्यप्रदेश के वैध अधिकारों और हजारों विस्थापितों के पुनर्वास से समझौता न हो – नर्मदा बचाओ आंदोलन
बड़वानी, 11 जुलाई 2026 (सप्रेस)। सरदार सरोवर परियोजना के कारण मध्यप्रदेश में जलमग्न हुई वन भूमि, शासकीय भूमि तथा अन्य सार्वजनिक संसाधनों की भरपाई को लेकर वर्षों से चले आ रहे अंतर्राज्यीय विवाद के बीच हाल ही में हुए समझौते…
हमारे फुटपाथ कौन हजम कर रहा?
आज़ादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी यदि नागरिकों को सुरक्षित फुटपाथ के अधिकार के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़े, तो यह हमारे शहरी विकास मॉडल की बड़ी विफलता है। न्यायालय का हालिया फैसला पैदल यात्रियों के अधिकारों…
चंबल घाटी में अहिंसा के लिए विद्यालय
हिंसा केवल बंदूक या संघर्ष का नाम नहीं, बल्कि शोषण, असमानता और अन्याय भी उसके रूप हैं। ऐसे में अहिंसक समाज की स्थापना केवल विचार नहीं, बल्कि निरंतर सामाजिक अभ्यास की मांग करती है। चंबल की धरती से प्रस्तावित ‘अहिंसा…
मध्यप्रदेश में नई मत्स्य नीति की असली कसौटी
मध्यप्रदेश ने नई एकीकृत मत्स्य नीति-2026 और हजारों करोड़ रुपये के निवेश के साथ “ब्लू इकॉनमी” की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। लेकिन उत्पादन और निवेश केंद्रित इस मॉडल के बीच पारंपरिक मछुआरों के अधिकार, आजीविका, सहकारी व्यवस्था और…
जनकवि मुकुट बिहारी सरोज सम्मान 2026 से अभिनंदित होंगे गौहर रज़ा
सरोज जी के 100 वें जन्मदिन 26 जुलाई को ग्वालियर में होगा समारोह ग्वालियर, 7 जुलाई। प्रतिबद्ध रचनाकार, कवि, लेखक, साहित्यकार गौहर रज़ा को जनकवि मुकुट बिहारी सरोज सम्मान 2026 से सम्मानित किया जाएगा । विज्ञान की तर्कसंगतता से साहित्य को…
‘एल नीनो’ की चपेट में दुनिया
दुनियाभर के वैज्ञानिक, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और समझदार लोग मौसम की जिस मार से प्रलय की आशंकाएं जताते रहे हैं, वह अब हमारे दरवाजों पर दस्तक दे रहा है। कहा जा रहा है कि अगले कुछ साल इंसानी वजूद के…
केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासी फिर सड़क पर, ‘चिता आंदोलन’ दोबारा शुरू
देशभर के पर्यावरण और आदिवासी संगठनों का समर्थन बुंदेलखंड (मध्य भारत) की आदिवासी महिलाओं और किसानों का असाधारण ‘चिता आंदोलन’ कुछ समय स्थगित रहने के बाद 3 जुलाई 2026 को फिर से शुरू हो गया है — मध्य प्रदेश के…
18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निजी हाथों में देने के प्रस्ताव पर उठे सवाल, स्वास्थ्य संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति
निजीकरण नहीं, जनस्वास्थ्य को सशक्त बनाने की जरूरत: स्वास्थ्य एवं जन संगठनों की संयुक्त मांग भोपाल, 6 जुलाई । मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रीवा, देवास एवं गुना जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निजी संस्थाओं को सौंपने की प्रस्तावित…
























