सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाये सवाल; मनरेगा बजट कटौती से 15 करोड़ लोग होंगे प्रभावित
नईदिल्ली, 15 मार्च। MNREGA मनरेगा पर बजट कटौती को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और अर्थशास्त्रियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई सवाल उठाए हैं। दिल्ली के...
अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने का माडल छत्तीसगढ़ सरकार पेश करे- राजगोपाल पी. व्ही.
धमतरी। पूरे प्रदेश से आये आदिवासियों ने वनाधिकार, पेसा और पोषण सुरक्षा की प्रमुख मांगों के साथ जंगल सत्याग्रह के सौंवे वर्ष पर आयोजित जनसभा का...
लगभग पांच दशक पहले इंदिरा गांधी द्वारा लगाया गया आपातकाल सत्ता के लिए निजी हुलफुलाहट के अलावा राज्य के सर्वशक्तिमान बनते जाने को भी उजागर करता है। क्या होता है, जब राज्य सारे जहां की वैध-अवैध शक्तियां अपने तईं...
शासन को तीन हफ़्तों में वस्तुस्थिति स्पष्ट करने हेतु आदेश
रतलाम, 23 अगस्त । उच्च न्यायालय, खंडपीठ इंदौर में दायर एक जनहित याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय ने शासन को यह आदेश दिया कि वह मंदसौर गोलीकांड की जांच के...
देश-प्रदेश के अलग-अलग शहरों की पटाखा फैक्ट्री मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार चलता रहता है। शासन की ओर से ऐसी घटनाओं को बचाव के लिए नीति नियम निर्देश भी लगातार जारी किए जाते हैं। इसके बाद भी मौतें...
नियामगिरी सुरक्षा समिति के आदिवासी नेताओं और समर्थकों के खिलाफ़ यू.ए.पी.ए - एफ.आई.आर और बेबुनियाद आरोप खारिज करने की मांग
मुंबई, 22 अगस्त। देशभर के 20 राष्ट्रीय नेटवर्क / संगठनों, 40 जन संगठनों और 350 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,...
स्वास्थ्य अधिकार कानून के लिए जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय,स्वास्थ्य समूह की मांग
इंदौर, 4 अप्रैल। जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय से जुड़े छ: राज्यों के स्वास्थ्य समूह संयोजकों ने संयुक्त रूप से जारी एक बयान में जनता के स्वास्थ्य...
यह सही है कि दलबदल कानून दलबदल को कुछ हद तक नियंत्रित करता है। यह किसी पार्टी के विभाजन को मान्यता नहीं देता है। लेकिन यह विलय को मान्यता देता है। ऐसे समय विधानसभा के सभापति की भूमिका महत्वपूर्ण...
सोशल मीडिया पर हिंदुत्व के बारे में पोस्ट करने वाले अभिनेता चेतन अहिंसा को जमानत मिलने के बाद Parappana Agrahara Jail परप्पना अग्रहारा जेल से रिहा कर दिया गया है। रिहा होने बाद बोलते हुए उन्होंने कहा "समानता के...
राम गोपाल पाण्डेय
दिन दूनी, रात चौगुनी बढ़ती मंहगाई और नतीजे में जीवन यापन की अकल्पनीय मुश्किलों के बीच अचानक वैधानिक न्यूनतम मजदूरी भी घटा दी जाए तो क्या होगा? एक तो वैसे भी नियोक्ता कम-से-कम मजदूरी देकर पैसा बचाने...