मोरबी की दुर्घटना के बाद भोपाल गैस त्रासदी का हवाला देते हुए चेताया गया था कि लोगों की याददश्त कमज़ोर होती है, वे सब कुछ भूल जाएंगे! मोरबी में पुल टूटने की घटना और गुजरात में मतदान के बीच...
क्रेडिटसाइट्स के एक अध्ययन से पता चला है कि भारतीय बैंकों के कुल ऋण का 45% कॉरपोरेट ऋण है। अगर ये ऋण न चुकाये जाएँ तो ये अपने साथ कई बैंकों को डुबो देंगे। इसके बावज़ूद, सरकारी...
प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुफ्त सुविधाओं के खिलाफ आम सहमति बनती दिख रही है। गरीबों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज, बिजली या स्वास्थ्य सेवाएं अचानक सभी वित्तीय चिंताओं का मूल कारण बन गई हैं।...
जीएसटी की शुरुआत टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और डबल टैक्स से बचने के लिए की गयी थी। लेकिन अब हर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीज पर टैक्स देना पड़ रहा है। इसमें सबसे नया...
गांधी को अब उनके घर में घुसकर मारा जा रहा है। अभी तक कोशिशें बाहर से मारने की ही चल रहीं थीं पर वे शायद पूरी तरह सफल नहीं हो पाईं। जनता चुप है और बापू के अधिकांश अनुयायियों...
किसानों के लंबे आंदोलन की वजह से बिजली बिल को वापस ले लिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे पार्लियामेंट के अगले सत्र में वापस लाना चाहती है। किसानों के साथ किए गए वादे को भूल कर, इस...
दुनिया जानती है कि पीएम इस समय एक साथ कई कामों और चिंताओं से घिरे हुए हैं।’अग्निवीर’ योजना को लेकर देश के अंदर मचे घमासान और नूपुर शर्मा-नवीन जिंदल द्वारा की गई टिप्पणियों के कारण अल्पसंख्यक समुदाय और मुसलिम...
आम नागरिक कारण जानना चाहता है कि एक तरफ़ तो सरकार अरबों-खरबों के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और अस्त्र-शस्त्र आयात कर सशस्त्र सेनाओं को सीमा पर उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना चाहती है और दूसरी ओर...
भारत बिजली की कमी और कोयला संकट से जूझ रहा है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश अपने बिजली संयंत्रों को माल उपलब्ध कराने में लगातार विफल क्यों हो रहा है? केंद्र सरकार मांग में वृद्धि...
अख़बारों के पाठकों और राष्ट्रीय (राष्ट्रवादी?) चैनलों की खबरों के प्रति ईमानदारी और विश्वसनीयता के प्रति पाठकों और दर्शकों का भ्रम काफ़ी हद तक टूटकर संदेहों में तब्दील हो चुका है।उनका बचा हुआ भरोसा भी सरकारी इंजीनियरों द्वारा बनवाए...