कोविड-19 के इस मारक दौर में दवाओं, अस्पतालों, प्राणवायु और उसके सिलिन्डरों की भारी कमी है और उनकी कालाबाजारी तक हो रही है। क्या इसका बाजार की हमारी उस मौजूदा व्यवस्था से भी कुछ लेना-देना है जिसने नब्बे के...
आपदा के किसी भी दौर में सबसे पहला शिकार बच्चे और उनकी शिक्षा ही होते हैं। कोविड-19 के पिछले साल-सवा साल में भी बच्चों को अचानक पकडा दिए गए मोबाइल या कम्प्यूटर की मार्फत पढाया-लिखाया जा रहा है। क्या...
साल-सवा साल के कोविड-19 के दौर ने हमें इतना तो बता ही दिया है कि किसी आपदा से निपट पाने में हम बेहद फिसड्डी हैं। लॉकडाउन, दवाओं, अस्पतालों, ऑक्सीजन आदि जीवन रक्षक जरूरतों की बदइंतजामी ने हजारों लोगों के...
कहावत है कि ‘फिसल पडे की हर गंगा,’ यानि गलती से फिसल गए तो हर गंगा कहकर डुबकी मार ली और पुण्य कमा लिया। कोविड-19 के दौर में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीमारी से बचने की खातिर देशभर...
कोरोना से मौत एक बड़ा झूठ है। इसे सरकार, सरकार समर्थक और सरकार विरोधी मीडिया, पक्ष, विपक्ष और हम सब भी बहुत बार दोहरा रहे हैं। इसी वजह से सच सात तहों के भीतर छुप गया है। जहां से...
सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का अवसान, राइट टू एजुकेशन फोरम के थे संयोजक
मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून को लागू करने के लिए चलाए गए आंदोलन के सूत्रधार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का 23 अप्रैल 2021 को सुबह...
हमारे देश में ऊर्जा यानि बिजली का अधिकांश हिस्सा कोयले से बनाया जाता है, लेकिन उसे धरती से निकालने वाले मजदूर बेहाल हैं। कोविड-19 बीमारी के चलते देशभर में समय-समय पर लगा ‘लॉकडाउन,’ कोयला खदानों पर कोई खास असर...
पिछले साल-सवा साल से कोविड-19 संक्रमण दुनियाभर को हलाकान किए है, लेकिन क्या इसके चलते दूसरी बीमारियों की तरफ से मुंह फेरा जा सकता है? क्या आमतौर पर होने वाली बीमारियां, कोविड-19 की अफरातफरी में इलाज न मिलने के...
कोविड योद्धाओं ने जब काम शुरू किया तो उन्हें अन्दाज़ा नहीं था कि यह कब ख़त्म होगा। हर गुज़रते हफ़्ते के साथ यह साफ़ होता गया कि यह संकट उनकी कल्पना से कहीं ज़्यादा लम्बा है। देखते-देखते सितम्बर आ...
कोरोना वायरस ने और कुछ किया हो, ना किया हो, उसने हमें पर्यावरण के लगातार बदहाल होते जाने की चेतावनी जरूर दे दी है। क्या इस चेतावनी से हमारी दुनिया कुछ सीख पाएगी? मौजूदा हालातों से तो ऐसा कतई...