18, 19 और 20 मई को सैरनी के तट पर जल योद्धाओं का मिलन सम्मेलन
चंबल घाटी की सूख चुकी सैरनी नदी अब शुद्ध सदानीरा होकर बह रही है। मई के माह में भी सैरनी नदी में पूर्णतः जल...
इंसानी वजूद के लिए रोटी, कपडा के बाद मकान तीसरा सर्वाधिक जरूरी संसाधन है, लेकिन हमारे देश में पहली और दूसरी जरूरतों की तरह इसका भी भारी टोटा है। समय-समय पर तत्कालीन सरकारें कुछ-न-कुछ करती तो हैं, लेकिन उससे...
प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के 50 साल पूरे होने के मौके पर कर्नाटक के मैसूर में प्राानमंत्री ने देश में बाघों की संख्या के नए आंकड़े जारी किए। आंकड़ा जारी करते हुए उन्होंने बताया कि 2022 में भारत में...
पिछले कुछ दिनों से देश भर में पेंशन को लेकर भारी मारामारी मची है। हिमाचलप्रदेश जैसे राज्यों में तो यह मसला चुनाव हराने-जिताने की गारंटी तक हो गया था। क्या है, इसके पीछे की कहानी? और क्या पेंशन की...
बहुचर्चित अडाणी कंपनी पर लगाए जा रहे अनेक आरोपों में एक है, ‘सार्वजनिक क्षेत्र’ के रेल, गैस, बिजली, बंदरगाह, हवाई-अड्डों जैसे अनेक उपक्रमों को थोक में खरीदना। सवाल है कि इन बेहतरीन, कमाऊ और ‘नवरत्न’ तक कहे जाने वाले...
कहा जाता है कि शहरी लोग कचरे का सर्वाधिक विसर्जन करते हैं, लेकिन अब यह व्याधि गांवों तक भी पहुंच गई है। देश में प्रतिदिन 28 करोड टन ठोस कचरा पैदा हो रहा है जिसमें से 10.95 करोड टन...
नदियों को अहर्निश मां, पुण्य-सलिला, जीवन-दायिनी आदि का दर्जा देते रहने वाला समाज और उसके वोट से बनी सरकारें नदियों के साथ क्या और कैसा व्यवहार करते हैं, इसे जानने के लिए गंगा की बानगी काफी है। हजारों करोड...
धार्मिक, सामरिक और प्राकृतिक महत्व के पहाडी शहर जोशीमठ और उसके आसपास लगातार उभरती और बढती दरारों ने एक बार फिर हमारे विकास-प्रेमी योजनाकारों को चेतावनी दी है। वे चाहें तो अपनी आत्महंता योजनाओं पर पुनर्विचार कर सकते हैं।...
आज के विकास की मारामार में सरकारें और कंपनियां उन कानूनों तक को अनदेखा कर रही हैं जिन्हें बाकायदा संसद में पारित किया गया है। इन कानूनों के मैदानी अमल के लिए बनाए जाने वाले नियमों में, मूल कानून...
दुनियाभर में सबके लिए पेट-भर भोजन एक बडी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन उससे पार पाने के लिए कोई कारगर उपाय सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, बडी मात्रा में खाद्यान्न की बर्बादी इस संकट की विडंबना...