जन स्वास्थ्य सम्मान 2024 से डॉ. घनश्याम दास वर्मा और कैलाश मीणा सम्‍मानित भोपाल, 6 मार्च। ग्यारहवीं डॉ. अजय खरे स्मृति व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर (डॉ.) रमा वी. बारु ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा में हो...
जन स्‍वास्‍थ्‍य अभियान ने क्लिनिकल ट्रायल और शर्तों को शिथिल किये बिना अनुमति न देने हेतु की प्रधानमंत्री से मांग spsmedia.in नई दिल्ली, 19. 05. 21। जन स्वास्थ्य अभियान ने फाइजर द्वारा mRNA के टीके की भारत को आपूर्ति के संबंध...
यह जानना विचित्र और बेहद दुखद है कि मधुमेह diabetes की बीमारी अब बच्चों को भी विस्तार से अपनी गिरफ्त में ले चुकी है। पहले इस बीमारी को अमीरों, उम्रदराजों और खाए-अघाए लोगों की आफत माना जाता था,लेकिन आंकड़े...
दुनियाभर के लिए मोटापा कितना गंभीर रोग बनता जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया में हर आठ में से एक व्यक्ति मोटापे का शिकार है। स्वास्थ्य को लेकर जारी कई रिपोर्ट...
बाजार प्रोत्साहन में अरुचि के परिणाम स्वरूप बीमारियों के अनुसंधान में भारी कमी और असमानता है, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा समाज की उपेक्षित आबादी को ही उठाना पड़ता है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक और संयुक्त...
अनुपम मिश्र यह साल दुनिया की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी ‘भोपाल गैसकांड’ की चालीसवीं बरसी का साल है। क्या हुआ था, दो और तीन दिसंबर की दरमियानी रात को? और उसके बाद किस-किस ने, कैसे-कैसे, क्या-क्या किया? ‘सप्रेस’ के दस्तावेजों में...
आक्सफैम इंडिया की विषमता रिपोर्ट 2021 हाल ही में जारी हुई आक्सफैम इंडिया की विषमता रिपोर्ट 2021 से खुलासा हुआ है कि सार्वजानिक स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में भारत में बढ़ती सामाजिक-आर्थिक विषमता वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों को विकृत...
गंगा मुक्ति आंदोलन की 43वीं वर्षगांठ भागलपुर के कहलगांव क्षेत्र के लोग,जीव–जन्तु और वनस्पति जगत एनटीपीसी से उत्सर्जित राख के प्रदूषण का कहर झेलने को अभिशप्त हैं। बॉटम ऐश के साथ फ्लाई ऐश मिश्रित होकर कहलगांव, पीरपैंती से सबौर तक...
डॉ. सुशील जोशी पिछले सप्ताह भारत सरकार ने 156 औषधि के नियत खुराक संयोजनों यानी फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन्स (एफडीसी) के उत्पादन, विपणन और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एंटीबायोटिक्स, दर्द-निवारक, एलर्जी-रोधी दवाइयां...
कोविड-19 के कारण लगे ‘लॉक डाउन’ ने हमारे ‘वस्‍तुओं’ के भौतिक संसार की अपर्याप्‍तता के साथ-साथ आंतरिक, आध्‍यात्मिक संसार के सतहीपन की पोल भी खोल दी है। ऐसे में कई आध्‍यात्मिक कहे जाने वाले लोग अवसाद, डर और दुख...

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