हाल में भारत में हुए वन-डे विश्वकप क्रिकेट के आयोजन ने एक तरफ दुनिया-जहान के खेल प्रेमियों में हलचल मचाई, तो दूसरी तरफ एक बार फिर उजागर कर दिया कि क्रिकेट असल में खेल की बजाए दिनोंदिन पूंजी काटने...
कृत्रिम बुद्धि का विकास इस तरह से हो रहा है कि यह मनुष्य की बुद्धि से कई कदम आगे निकल सकती है| इसी कारण इसके बहुत खतरनाक होने की आशंका बढ़ जाती है| किसी भ्रष्ट और विध्वंसकारी उद्देेश्य से...
अंग्रेजों की नजर से ‘मिडिल-ईस्ट’ यानि ‘मध्य-पूर्व’ माने गए अरब देशों में जिस तरह की आपसी और आंतरिक लडाईयां जारी हैं, हाल का इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष उसी का एक विस्तार है। योरोप और अमरीका के अमीर देशों की तेल और...
अपनी राजनीति, बाजार-हितैषी चरित्र और नस्ली पूर्वाग्रहों के बावजूद नार्वे की नोबेल पुरस्कार समिति कभी-कभार कमाल कर देती है। इस बार उसने यह कारनामा ईरान की जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को शांति के नोबेल के लिए...
मानवता पर आए संकट का समाधान अब प्राकृतिक सुरक्षा में ही है। आज का हमारा आर्थिक ढांचा बहुत विस्तार पा गया है। इससे जलवायु परिवर्तन के संकट ने चारों ओर असुरक्षा पैदा कर दी है। इस प्राकृतिक सुरक्षा कवच...
अलविदा मिलान कुंडेरा
अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध उपन्यासकार 94 वर्षीय Milan Kundera मिलान कुंदेरा का 12 जुलाई को निधन हो गया। 'द अनवियरेबल लाइटनेस ऑफ वींग' उनका मशहूर उपन्यास है। पहला उपन्यास 'द जोक' 1967 में प्रकाशित हुआ था, जिसमें चेकेस्लोवाकिया कम्युनिष्ट...
ओबामा को समझाया जाना चाहिए कि मोदी-शाह-योगी भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा नहीं हैं। भारत की मूल आत्मा सर्वधर्म समभाव की है और यही राष्ट्र का स्थायी चरित्र है। ऐसा नहीं होता तो सवा दो सौ सालों (1526-1761) में...
विज्ञान अपने अविष्कारों के साथ-साथ तरह-तरह के जानलेवा संकट लेकर आता है। जहां विज्ञान ने हमारे जीवन को बेहद सरल-सुलभ बना दिया है, वहीं कुछ ऐसी व्याधियां पैदा कर दी हैं जिनसे पार पाना कठिन है। ताजा संकट साइबर...
2021 में प्रकाशित ‘आज़ादी’ नामक निबंध संकलन के फ्रेंच अनुवाद के लिए मिला सम्मान
नयी दिल्ली, 18 जून। जानी मानी लेखिका अरुंधति रॉय (Arundhati Roy) को वर्ष 2023 का 45वां ‘‘यूरोपियन एसे प्राइज फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट’’ (European Essay Prize) सम्मान...
सत्तर के दशक से जोर पकड़ते पर्यावरण-प्रदूषण ने अब ऐसे ‘जलवायु परिवर्तन’ climate change तक की यात्रा पूरी कर ली है जिसमें माताएं बच्चों को जन्म तक देने से बचना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के...